दर्द ने आ पकड़ा है!

फिर रँगे-हाथ मुझे दर्द ने आ पकड़ा है,
फिर मोहब्बत का है इल्ज़ाम ख़ुदा ख़ैर करे।

बाल स्वरुप राही

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