जहाँ मैं क़ैद से छूटूँ!

जहाँ मैं क़ैद से छूटूँ वहीं पे मिल जाना,
अभी न मिलना अभी ज़िंदगी की क़ैद में हूँ|

कृष्ण बिहारी नूर

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