शक्ल दिखाई तब!

क़तरा क़तरा सिर्फ़ हुआ है इश्क़ में अपने दिल का लहू,
शक्ल दिखाई तब उस ने जब आँखों को ख़ूँ-बार किया|

जाँ निसार अख़्तर

Leave a comment