क़तरा क़तरा सिर्फ़ हुआ है इश्क़ में अपने दिल का लहू,
शक्ल दिखाई तब उस ने जब आँखों को ख़ूँ-बार किया|
जाँ निसार अख़्तर
A sky full of cotton beads like clouds
क़तरा क़तरा सिर्फ़ हुआ है इश्क़ में अपने दिल का लहू,
शक्ल दिखाई तब उस ने जब आँखों को ख़ूँ-बार किया|
जाँ निसार अख़्तर
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