यही पयाम मिला!

ये रंग-ओ-नूर का ‘गुलज़ार’ दहर-ए-फ़ानी है,
यही पयाम मिला उम्र-ए-मुख़्तसर से मुझे|

गुलज़ार देहलवी

Leave a comment