न दैर से न हरम से न मय-कदे से मिला,
सुकून-ए-रूह मिला है जो तेरे दर से मुझे|
गुलज़ार देहलवी
A sky full of cotton beads like clouds
न दैर से न हरम से न मय-कदे से मिला,
सुकून-ए-रूह मिला है जो तेरे दर से मुझे|
गुलज़ार देहलवी
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