जब बंद हुईं आँखें तो खुला दो रोज़ का था सारा झगड़ा,
तख़्त उस का न अब है ताज उस का अस्कंदर ओ दारा कोई नहीं|
आरज़ू लखनवी
A sky full of cotton beads like clouds
जब बंद हुईं आँखें तो खुला दो रोज़ का था सारा झगड़ा,
तख़्त उस का न अब है ताज उस का अस्कंदर ओ दारा कोई नहीं|
आरज़ू लखनवी
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