क्या हुआ वक़्त का दा’वा कि हर इक अगले बरस,
हम उसे और हसीं और हसीं देखते हैं|
अमजद इस्लाम अमजद
A sky full of cotton beads like clouds
क्या हुआ वक़्त का दा’वा कि हर इक अगले बरस,
हम उसे और हसीं और हसीं देखते हैं|
अमजद इस्लाम अमजद
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