घटा जो दिल से उठती है मिज़ा तक आ तो जाती है,
मगर आँख उस को बरसाती नहीं मैं कैसे सो जाऊँ|
अनवर मिर्ज़ापुरी
A sky full of cotton beads like clouds
घटा जो दिल से उठती है मिज़ा तक आ तो जाती है,
मगर आँख उस को बरसाती नहीं मैं कैसे सो जाऊँ|
अनवर मिर्ज़ापुरी
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