हम तेरे शहर में !

अपने यूट्यूब चैनल के माध्यम से आज मैं, अपने स्वर में ग़ुलाम अली जी की गाई ये प्रसिद्ध ग़ज़ल प्रस्तुत कर रहा हूँ-

हम तेरे शहर में आए हैं मुसाफिर की तरह

सिर्फ एक बार मुलाक़ात का मौका दे दे।

आशा है आपको ये पसंद आएगा,धन्यवाद।

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