एक चश्मा हुस्न का!

फूट निकलेगा जबीं से एक चश्मा हुस्न का,
सुब्ह उठ कर ख़ंदा-ए-सामान-ए-क़ुदरत देखिए|

जोश मलीहाबादी

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