प्यार सच्चा है तो!

ज़िंदाबाद ऐ दिल मिरे मैं भी हूँ तुझ से मुत्तफ़िक़,
प्यार सच्चा है तो फिर कैसी वफ़ा कैसी जफ़ा|

कृष्ण बिहारी नूर

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