इक तरफ़ क़ानून है!

इक तरफ़ क़ानून है और इक तरफ़ इंसान है,
ख़त्म होता ही नहीं जुर्म-ओ-सज़ा का सिलसिला|

कृष्ण बिहारी नूर

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