सही गलत रिश्तों में बंधे हुए हम!

आज फिर से मैं अपने यूट्यूब चैनल के माध्यम से एक सुंदर गीत शेयर कर रहा हूँ जो मेरे अग्रज श्री कुबेर दत्त जी ने लिखा था। कुबेर जी ने बाद में बाद में दूरदर्शन के लिए प्रोड्यूस किए गए अपने कार्यक्रमों के माध्यम से भी बहुत नाम कमाया था।

कुबेर दत्त जी द्वारा लिखे गए इस गीत के बोल हैं-

ऐसी है अगवानी चितकबरे मौसम की,
सुबह-शाम करते हैं झूठ को हजम,
सही गलत रिश्तों में बंधे हुए हम

प्रस्तुत है यह गीत मेरे स्वर में-
https://youtu.be/7ckw4Oe7tN8?si=C_mzGhZxXVvd5sa8

धन्यवाद

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