वो आँसू क्या पिएगा!

दिल-ए-बे-हौसला है इक ज़रा सी ठेस का मेहमाँ,
वो आँसू क्या पिएगा जिस को ग़म खाना नहीं आता|

यगाना चंगेज़ी

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