आज मैं एक बार फिर अपने यूट्यूब चैनल के माध्यम से एक श्रेष्ठ साहित्यिक गीत शेयर कर रहा हूँ।
आज का गीत मेरे लिए गुरुतुल्य रहे स्वर्गीय डॉक्टर कुंवर बेचैन जी का है और मुझे बहुत प्रिय है।
लीजिए आज प्रस्तुत है स्वर्गीय कुंवर बेचैन जी का यह गीत मेरे स्वर में-
जितनी दूर नयन से सपना,
जितनी दूर अधर से हंसना,
बिछुए जितनी दूर कुंवारे पांव से,
उतनी दूर पिया तुम मेरे गांव से –
https://youtu.be/KrnsgP0Ij_A
आशा है आपको यह गीत अवश्य पसंद आया होगा
धन्यवाद।
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