अंधियारे सपनों के संग जिए!

आज मैं अपने यूट्यूब चैनल के माध्यम से एक कवि मित्र का गीत शेयर कर रहा हूँ जो मैंने लगभग 45 वर्ष पहले सुना था।

गीत रिकॉर्ड करते समय मैं एक पंक्ति सही नहीं बोल पाया था, वह थी ‘ शहनाई को तरुण हृदय के क्रंदन बांट दिए, गजरे तारों वाले भुला दिए’।

लीजिए आज प्रस्तुत है श्री गोविंद नीराजन जी का यह गीत मेरे स्वर में-

https://youtu.be/ZBm9xveyBT4?si=M

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आशा है आपको पसंद आएगा
धन्यवाद्।

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