लहू लहू है शाम!

ख़ंजर ख़ंजर क़ातिल अबरू दिलबर हाथ मसीहा होंट,
लहू लहू है शाम-ए-तमन्ना आँसू आँसू सुब्ह-ए-तरब|

अली सरदार जाफ़री

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