आज मैं अपने यूट्यूब चैनल के माध्यम से अपने एक पुराने कवि मित्र स्वर्गीय मिलाप चंद राही जी की एक रचना शेयर कर रहा हूँ, आशा है आपको पसंद आएगी –
रवां दवां थी सियासत में रंग भरते हुए,
लरज़ गई है ज़ुबां दिल की बात करते हुए।
https://youtu.be/LFmQ-CJo
Myg?si=y8TrRCEWxQubE2es
धन्यवाद।
Leave a comment