आज मैं अपने यूट्यूब चैनल के माध्यम से, अपने स्वर में ग़ुलाम अली साहब की गाई हुई एक ग़ज़ल प्रस्तुत कर रहा हूँ –
जिनके होठों पे हंसी पांव में छाले होंगे
आशा है आपको पसंद आएगी।
नीचे दिए गए लिंक पर आप मेरे यूट्यूब चैनल से जुडेंगे तो अच्छा लगेगा-
youtube.com/kris230450
धन्यवाद ।
Leave a comment