बुतख़ाना समझते हो जिसको पूछो न वहाँ क्या हालत है,
हम लोग वहीं से लौटे हैं बस शुक्र करो लौट आये हैं।
सुदर्शन फ़ाकिर
A sky full of cotton beads like clouds
बुतख़ाना समझते हो जिसको पूछो न वहाँ क्या हालत है,
हम लोग वहीं से लौटे हैं बस शुक्र करो लौट आये हैं।
सुदर्शन फ़ाकिर
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