
उठो कि ओस की बूँदें जगा रही हैं तुम्हें,
चलो कि धूप दरीचों में आ के बैठ गई|
मुनव्वर राना
A sky full of cotton beads like clouds

उठो कि ओस की बूँदें जगा रही हैं तुम्हें,
चलो कि धूप दरीचों में आ के बैठ गई|
मुनव्वर राना
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