लफ़्ज़ों के ये नगीने!

लफ़्ज़ों के ये नगीने तो निकले कमाल के,
ग़ज़लों ने ख़ुद पहन लिए ज़ेवर ख़याल के|

कृष्ण बिहारी नूर

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