मिरी हयात से शायद वो मोड़ छूट गए,
बग़ैर सम्तों* के राहें जहाँ निकलती हैं|
*Directions
वसीम बरेलवी
A sky full of cotton beads like clouds
मिरी हयात से शायद वो मोड़ छूट गए,
बग़ैर सम्तों* के राहें जहाँ निकलती हैं|
*Directions
वसीम बरेलवी
Leave a comment