रोज़ कहाँ से कोई नया-पन अपने आप में लाएँगे,
तुम भी तंग आ जाओगे इक दिन हम भी उक्ता जाएँगे|
बशर नवाज़
A sky full of cotton beads like clouds
रोज़ कहाँ से कोई नया-पन अपने आप में लाएँगे,
तुम भी तंग आ जाओगे इक दिन हम भी उक्ता जाएँगे|
बशर नवाज़
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