मेरे दिल में सुरूर!

मेरे दिल में सुरूर-ए-सुब्ह-ए-बहार,
तेरी आँखों में रात फूलों की|

मख़दूम मुहिउद्दीन

2 responses to “मेरे दिल में सुरूर!”

  1. बहुत सुंदर।

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    1. हार्दिक धन्यवाद जी

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