अगर ज़मीन से फूंकें!

रहे ख़याल कि मज्ज़ूब-ए-इश्क़ हैं हम लोग,
अगर ज़मीन से फूंकें तो आसमाँ उड़ जाएँ|

राहत इंदौरी

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