ये सर्द रातें भी बनकर!

ये सर्द रातें भी बन कर अभी धुआँ उड़ जाएँ,

वो इक लिहाफ़ मैं ओढूँ तो सर्दियाँ उड़ जाएँ|

राहत इंदौरी

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