जिस पंछी की परवाजों में!

जिस पंछी की परवाजों में जोश-ए-जुनूँ भी शामिल हो,
उस की ख़ातिर आब-ओ-दाना पहले भी था आज भी है|

हस्तीमल हस्ती

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