जब ज़िंदगी सुकून से महरूम हो गई,
उन की निगाह और भी मासूम हो गई|
असद भोपाली
A sky full of cotton beads like clouds
जब ज़िंदगी सुकून से महरूम हो गई,
उन की निगाह और भी मासूम हो गई|
असद भोपाली
Leave a comment