रह-ए-वफ़ा के मुसाफ़िर को कौन समझाए,
कि इस सफ़र में कोई हम-सफ़र नहीं मिलना|
सुरूर बाराबंकवी
A sky full of cotton beads like clouds
रह-ए-वफ़ा के मुसाफ़िर को कौन समझाए,
कि इस सफ़र में कोई हम-सफ़र नहीं मिलना|
सुरूर बाराबंकवी
Leave a comment