हरगिज़ गिला नहीं है !

हरगिज़ गिला नहीं है कि तू मेहरबाँ न था,
कब हम भी अपने आप से बेहद ख़फ़ा न थे|

बिलक़ीस ज़फ़ीरुल हसन

Leave a comment