मुस्तक़िल नहीं ‘अमजद’ ये धुआँ मुक़द्दर का,
लकड़ियाँ सुलगने में देर कुछ तो लगती है|
अमजद इस्लाम अमजद
A sky full of cotton beads like clouds
मुस्तक़िल नहीं ‘अमजद’ ये धुआँ मुक़द्दर का,
लकड़ियाँ सुलगने में देर कुछ तो लगती है|
अमजद इस्लाम अमजद
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