आए हम ‘ग़ालिब’-ओ!

आए हम ‘ग़ालिब’-ओ-‘इक़बाल’ के नग़्मात के बा’द,
‘मुसहफ़’-ए-इश्क़-ओ-जुनूँ हुस्न की आयात के बा’द|

अली सरदार जाफ़री

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