फिर जवाँ हो जाएँ दिल की हसरतें
कुछ न कुछ ऐ हमनशीं ऐसा करें ।
हंसराज रहबर
A sky full of cotton beads like clouds
फिर जवाँ हो जाएँ दिल की हसरतें
कुछ न कुछ ऐ हमनशीं ऐसा करें ।
हंसराज रहबर
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