ख़ल्वतों* के शैदाई ख़ल्वतों में खुलते हैं,
हम से पूछ कर देखो राज़ पर्दा-दारों के|
*एकांत
साहिर लुधियानवी
A sky full of cotton beads like clouds
ख़ल्वतों* के शैदाई ख़ल्वतों में खुलते हैं,
हम से पूछ कर देखो राज़ पर्दा-दारों के|
*एकांत
साहिर लुधियानवी
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