मुझे तू ढाल दे ऐसे!

मैं कच्ची मिट्टी की सूरत हूँ तेरे हाथों में,
मुझे तू ढाल दे ऐसे कि मो’तबर हो जाऊँ|

मुनव्वर राना

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