कहाँ से गुज़र गया!

कभी मेहर-ओ-माह-ओ-नुजूम से कभी कहकशाँ से गुज़र गया,
जो तेरे ख़याल में चल पड़ा वो कहाँ कहाँ से गुज़र गया|

अर्श मलसियानी

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