अभी आदमी है!

अभी आदमी है फ़ज़ाओं में अभी उड़ रहा है ख़लाओं में,
ये न जाने पहुँचेगा किस जगह अगर आसमाँ से गुज़र गया|

अर्श मलसियानी

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