इख़्लास हम से कम!

जब मैं ने उस सनम से कहा क्या सबब है जान,
इख़्लास हम से कम हुआ और प्यार घट गया|

नज़ीर अकबराबादी

2 responses to “इख़्लास हम से कम!”

  1. बेहतरीन

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    1. हार्दिक धन्यवाद जी

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