लकड़ियाँ सुलगने में!

मुस्तक़िल नहीं ‘अमजद’ ये धुआँ मुक़द्दर का,
लकड़ियाँ सुलगने में देर कुछ तो लगती है|

अमजद इस्लाम अमजद

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