न माँगूँ बादा-ए-गुल!

न माँगूँ बादा-ए-गुल-गूँ से भीक मस्ती की,
अगर तिरे लब-ए-लालीं मिरा ये काम करें|

मजरूह सुल्तानपुरी

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