मेरे अल्फ़ाज़ में!

मेरे अल्फ़ाज़ में असर रख दे,
सीपियाँ हैं तो फिर गुहर रख दे|

शीन काफ़ निज़ाम

2 responses to “मेरे अल्फ़ाज़ में!”

  1. बहुत सुंदर।

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    1. हार्दिक धन्यवाद जी

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