राज़ छुपाने आ जाते!

ज़े के रेशमी रुमालों को किस किस की नज़रों से छुपाएँ,
कैसे हैं वो लोग जिन्हें ये राज़ छुपाने आ जाते हैं|

मुनीर नियाज़ी

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