फूल चढ़ाने आ जाते!

जिन लोगों ने उन की तलब में सहराओं की धूल उड़ाई,
अब ये हसीं उन की क़ब्रों पर फूल चढ़ाने आ जाते हैं|

मुनीर नियाज़ी

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