कैसे कैसे लोग हमारे!

जब भी घर की छत पर जाएँ नाज़ दिखाने आ जाते हैं,
कैसे कैसे लोग हमारे जी को जलाने आ जाते हैं|

मुनीर नियाज़ी

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