मुद्दत से एक रात भी अपनी नहीं हुई,
हर शाम कोई आया उठा ले गया मुझे।
कृष्ण बिहारी नूर
A sky full of cotton beads like clouds
मुद्दत से एक रात भी अपनी नहीं हुई,
हर शाम कोई आया उठा ले गया मुझे।
कृष्ण बिहारी नूर
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