उन्हीं पे सारे मसाइब* का बोझ रक्खा है,
जो तेरे शहर में ईमान ले के आए हैं|
*मुसीबतें
मंज़र भोपाली
A sky full of cotton beads like clouds
उन्हीं पे सारे मसाइब* का बोझ रक्खा है,
जो तेरे शहर में ईमान ले के आए हैं|
*मुसीबतें
मंज़र भोपाली
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