ये किस ख़लिश ने फिर इस दिल में आशियाना किया,
फिर आज किस ने सुख़न हम से ग़ाएबाना* किया|
*Unseen
फ़ैज़ अहमद फ़ैज़
A sky full of cotton beads like clouds
ये किस ख़लिश ने फिर इस दिल में आशियाना किया,
फिर आज किस ने सुख़न हम से ग़ाएबाना* किया|
*Unseen
फ़ैज़ अहमद फ़ैज़
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