हज़ारों साल बीते हैं!

हज़ारों साल बीते हैं हज़ारों साल बीतेंगे,
बदल जाएगी कल तक़दीर-ए-इंसाँ हम नहीं कहते|

जाँ निसार अख़्तर

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