गर्मी-ए-हुस्न में वो!

बर्क़ अगर गर्मी-ए-रफ़्तार में अच्छी है अमीर‘,

गर्मी-ए-हुस्न में वो बर्क़-जमाल अच्छा है|

अमीर मीनाई

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